संपादक
अमित वालिया
वृंदावन। वृंदावन स्थित अखण्ड दयाधाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर संबोधित करते अखण्ड दयाधाम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद महाराज ने कहा कि श्रीमद् भावगत अविरल बहने वाली ज्ञान की गंगा है। जिस प्रकार गंगा स्नान से पुण्य लाभ प्राप्त होता है। उसी प्रकार श्रीमद् भागवत कथा की भक्ति धारा में स्नान करने और कथा श्रवण से मिले ज्ञान को आत्मसात करने से जीवन सहज और सरल हो जाता है।
साध्वी कृष्णानंद ने कहा कि पिछले जन्मों के पुण्यों का उदय होने पर ही श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण और आयोजन का अवसर मिलता है। एवं अन्य युगों में पुण्य प्राप्ति के लिए अनेक यत्न करने पड़ते थे। लेकिन कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से पुण्य प्राप्ति सहज ही हो जाती है।
मुख्य जजमान – सतीश खंडेलवाल, कल्पना खंडेलवाल (इंदौर), श्याम अग्रवाल, विष्णु तिवारी।
