हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार में छात्रों की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर छात्र प्रतिनिधिमंडल ने माननीय कुलाधिपति जी के समक्ष 19 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि विश्वविद्यालय देश की ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में से एक है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, ऐतिहासिक परंपरा और गरिमा को बनाए रखना विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ सभी छात्रों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में विभिन्न विभागों एवं परिसरों में हो रहे प्रशासनिक एवं संरचनात्मक बदलावों के कारण विद्यार्थियों को अनेक प्रकार की शैक्षणिक एवं मूलभूत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है
छात्र नेता आशु मलिक एवं सोकेन्द्र बालियान ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रत्येक छात्र-छात्रा को बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मिलना आवश्यक है। हमारी मांगें किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि छात्रहित, पारदर्शिता और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई की जाए। छात्रों की आवाज को संवाद के माध्यम से सम्मानपूर्वक सुना जाना ही विश्वविद्यालय के हित में है।
छात्र प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगों में स्थायी Student-Administration Committee का गठन, Debate Room/विचार-विमर्श कक्ष की स्थापना, छात्र हेल्पलाइन नंबर शुरू करना, विश्वविद्यालय कैंटीन का पुनः संचालन, विभागों के बार-बार स्थानांतरण पर रोक तथा बड़े प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता शामिल हैं।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने कार्यवाहक/अंतरिम कुलपति की शक्तियों एवं अधिकार-क्षेत्र को स्पष्ट करने, विभागों के विलय, पाठ्यक्रमों में बदलाव एवं शिक्षकों के स्थानांतरण से पहले छात्रों एवं संबंधित विभागों से संवाद करने तथा योग विज्ञान विभाग के स्थानांतरण की समीक्षा करने की मांग रखी।
कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून की छात्राओं की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने छात्राओं की कक्षाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, पुस्तकालय, प्रयोगशाला एवं कैंटीन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही Male Campus में छात्राओं की कक्षाएं शुरू करने से पहले छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं संबंधित हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किए जाने की मांग की गई।
मांग पत्र में Main Campus एवं Kanya Gurukul Campus की मूलभूत सुविधाओं में सुधार, छात्रावासों की व्यवस्था बेहतर करने, नए छात्रावास का निर्माण, छात्र प्रतिनिधित्व की व्यवस्था, पुस्तकालय में नवीन पुस्तकों की उपलब्धता, खेल सुविधाओं का विकास एवं विश्वविद्यालय जिम को पुनः संचालित करने की मांग भी शामिल है।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय में लगातार घट रही छात्र संख्या को गंभीर विषय बताते हुए नए पाठ्यक्रम, रोजगारोन्मुख शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम से छात्र संख्या बढ़ाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की मांग की। इसके साथ ही छात्रों की शैक्षणिक, प्रशासनिक, हॉस्टल, सुरक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के लिए प्रभावी एवं समयबद्ध Grievance Redressal Mechanism स्थापित करने की मांग रखी गई।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय में पारदर्शी, सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित कराना है। छात्रों ने विश्वविद्यालय की गरिमा, अनुशासन एवं ऐतिहासिक परंपराओं को बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने माननीय कुलाधिपति जी से सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रत्यक्ष बैठक करने तथा प्रत्येक बिंदु के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया।
मांग पत्र सौंपने वाले छात्र प्रतिनिधिमंडल में- आशु मलिक, सोकेन्द्र बालियान, विकास कुमार एवं तुषार पाल शामिल रहे ।
