संपादक
पीयूष सूरी
हरिद्वार । गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय, हरिद्वार में अस्थायी कर्मचारियों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन को बजरंग वाहिनी दल ने समर्थन दिया। बुधवार को बजरंग वाहिनी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष गजराज सिंह अपनी पूरी टीम के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज कुमार एवं बजरंग वाहिनी दल उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष आशु मलिक भी मौजूद रहे।
कर्मचारियों के अनुसार, उनका आंदोलन अंतरिम कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा द्वारा अस्थायी कर्मचारियों के संबंध में कथित रूप से की गई “केकड़ा” टिप्पणी, कुलसचिव द्वारा जारी “No Work, No Pay” आदेश (पत्रांक Reg/2026-27/2330) तथा कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा संबंधी मांगों को लेकर किया जा रहा है।
संघ ने रखीं प्रमुख मांगें
धरनारत कर्मचारियों एवं संघ पदाधिकारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि—
1. कथित “केकड़ा” टिप्पणी को लेकर कुलपति द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए तथा कुलसचिव द्वारा जारी “No Work, No Pay” आदेश तत्काल वापस लिया जाए।
2. विश्वविद्यालय में 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए तथा 10 वर्ष से कम सेवा वाले कर्मचारियों को न्यूनतम ₹18,000 प्रतिमाह निश्चित वेतन दिया जाए।
इस अवसर पर छात्र नेता एवं बजरंग वाहिनी दल उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष आशु मलिक ने धरनारत कर्मचारियों को समर्थन देते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान वार्ता के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र वार्ता शुरू कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि लंबे समय से चल रहा गतिरोध समाप्त हो सके।
आशु मलिक ने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर नियमानुसार समाधान की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।
धरने के दौरान शाखा अध्यक्ष सोनू कुमार, शाखा महासचिव सुरेन्द्र कुमार, शाखा संगठन महामंत्री नवदीप भारद्वाज, प्रदेश सचिव गौरव सनातनी सहित बजरंग वाहिनी दल एवं कर्मचारी संघ के पदाधिकारी व अन्य लोग मौजूद रहे।
